लखनऊ में पंचायत चुनावों को लेकर संशय गहराता जा रहा है।
जटिल प्रक्रियाओं के कारण चुनाव समय से लेट होने की आशंका है।
जातिवार आरक्षण और आयोग गठन की प्रक्रिया देरी की बड़ी वजह बन रही है।
शासन ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में समय पर चुनाव कराने का दावा किया है।
पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन न होना मुख्य बाधा माना जा रहा है।
आयोग बनने के बाद ही सीटों के आरक्षण की प्रक्रिया तय हो पाएगी।
आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने में एक से डेढ़ महीने का समय लग सकता है।
कई अन्य प्रशासनिक औपचारिकताएं भी चुनाव में देरी का कारण बन रही हैं।
पंचायत चुनाव की तारीख को लेकर अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
चुनाव अप्रैल – मई में संभावित हैं, लेकिन एक-दो महीने की देरी संभव है।
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